How much do you understand your life partner? | अपने जीवन साथी को कितना समझते हो?

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आप अपने पति और पत्नी को कितना जानते हो? क्या आप उनके संपर्क को दोस्ती का नाम दे सकते है? क्या आप जानते है वो कनसी टेनसन में है? क्या आप केह सकते है उनके मन में क्या चल रहा है? एसे कितने सारे सबाल है जो आप उत्तर देंगे ‘हाँ’ या ‘नहीं’! जब आप ‘हाँ’ मैं उत्तर देंगे तब जाना जायेगा कि आप अपने संपर्क को अच्छे से निभा रहे है और दुसरे को समझ रहे है | जब आप ‘नहीं’ में उत्तर देंगे तो आप अपने संपर्क को अच्छे से नहीं निभा रहे हैं |

बैबाहिक जीवन समझोता, संपर्क में गभिरता पर आधार है. बैबाहिक जीवन ६ निती के द्वारा प्रभाभित है. पहला निती है पारस्परीक ग्यान, ‘पती और पत्नी केे जीवन मै अन्तरगं मुहूर्त और बिशिष्ट घटना का दोनों को ग्यात होना चाहिए. कर्ममय संपर्क में भिती के आधार जो स्वौध निर्मीत होता है, उनमें पारस्परीक ग्यान एक शक्तिशाली स्थभ्म के रूप से कार्य करता है. पति और पत्नी मैं पारस्परीक ग्यान केसे होगा? उसका मुल कारन है आत्म अभिव्यक्त, दोनों एक दूसरे केे पास अपने बात किसी भी हाल में बताना चाहिए. जिवन का हर एक लम्हे को बताना चाहिए. अभी बैबाहिक जीवन में बिभिन्न कारन से समस्या देखा जाता है. दोनों के बिच प्यार नहीं होता, ए सब दूर करने के लिए पती और पत्नी को मन कि बात बता देना चाहिए. जैसे एक पत्नी अपनी पति को गहराई से जानती हो उसी तरह पती भी पत्नी को जानना चाहिए. एसा करने से दोनों के मन में क्या है पता चल जएगा. आप पहले कुछ बोलो फिर वो कुछ बोलेगी एसे धिरे धिरे पारस्परीक विश्वास बड़ेगा.

जब बिस्वास बढ़ जायेगा तो दोनों दूसरे को अपनी बात बता सकते है. दोनों के मध्य में एक एकातं व्यक्तिगत और गोपनीय निजस्व बात कहने के बाद ही दूसरी अपने व्यक्तिगत काहनी कहने लगता है. इसके द्वारा परस्परीक ग्यान बडता है. परस्पर प्रति आकष्रन होना चाहिए. बिशेषग्य कहते है पति और पत्नी केे हिसाब से यादी आप सहभागी के जीवन को अच्छे से जानेगे, उनका पसंद ना पसंद जानेगे, उनका भय, उदबेग, दुख आदी बिषय में जानेगे. जो परिवार में पति और पत्नी परस्पर प्रति प्यार हो वो परिवार आसानी से प्रॉब्लम का सामना करते हैं. संपर्क में सौन्दर्य को बीकसित करने केलिए ए है पहला नीती.

क्रमश…………..

~Manasmita Swain~

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